भारत की सबसे पहली फिल्म (1913 – 2022)

भारत की सबसे पहली फिल्म

भारत की सबसे पहली फिल्म – फिल्मी मनोरंजन के इस दौर में वर्तमान में रोज कोई न कोई फिल्मे रिलीज़ होती रहती है क्योंकि वर्तमान में फिल्मों का क्रेज बहुत ज्यादा है। लेकिन आपके दिमाग में यह बात कभी न कभी जरूर आयी होगी की आखिर भारत की सबसे पहली फिल्म कब बनी थी और उसका क्या नाम था तो चलिए आज हम भारत की सबसे पहली फिल्म से सम्बंधित आपके सारे प्रश्नो को उत्तर बताएँगे।

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री एक बहुत बड़ी फिल्म इंडस्ट्री बन चुकी है। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री अपने सौ साल भी पुरे कर चुकी है। इस बीच फिल्म इंडस्ट्री में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले। जिसमे ब्लेंक एंड वाइट फिल्मों से शुरू होकर आज 3D कलर फिल्मे तक रही है। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में बहुत सी भाषाओं की फिल्मे बनी है।

भारत की सबसे पहली फिल्म कौन सी थी?

अब बात करते है भारत की सबसे पहली फिल्म कौन सी थी। भारत की पहली फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र (Raja Harishchandra) थी। इस फिल्म को दादासाहेब फाल्के द्वारा बनाया गया था जिसका प्रीमियर ओलंपिया थिएटर, मुंबई में 21 अप्रैल 1913 को किया गया और  शनिवार, 3 मई, 1913 को कोरोनेशन सिनेमा, गिरगाँव, मुंबई  में इसकी नाटकीय रिलीज़ किया था। लेकिन यह फिल्म तकनिकी कमी कारण बिना आवाज के ब्लैक एंड वाइट फिल्म थी। राजा हरिश्चंद्र फिल्म भारत की पहली मूक फिल्म थी।

यह फिल्म राजा हरिश्चन्द्र की कहानी पर आधारित है। यह फिल्म मूक फिल्म जरूर थी लेकिन इसमें हिन्दी में कथन लिखकर समझाया गया है। इस फिल्म को मराठी फ़िल्मों की श्रेणी में रखा गया है क्योंकि इसमें काम करने वाले सभी कलाकार मराठी ही थे।

राजा हरिश्चंद्र फिल्म कितने मिनट की थी?

यह फिल्म लगभग 40 मिनट की है। राजा हरिश्चंद्र फिल्म का बजट उस समय में लगभग 20000 रुपये तक था। इस फिल्म को बनाने में 7 महीने और 21 दिन लग गए थे। इस फिल्म में दत्तात्रय दामोदर दबके ने राजा हरिश्चन्द्र का किरदार निभाया था। इनके अलावा अन्य अभिनय करने वाले कलाकार अन्ना सालुंके ने राजा हरिश्चन्द्र की पत्नी तारामति का किरदार किया बालाचन्द्र डी॰ फालके ने हरिश्चन्द्र के पुत्र रोहिताश का और जी. व्ही. साने ने ऋषि विश्वामित्र का अन्य अभिनेता डी. डी. दाबके, पी. जी. साने, अण्णा साळुंके, भालचंद्र फाळके, दत्तात्रेय क्षीरसागर, दत्तात्रेय तेलंग, गणपत शिंदे, विष्णू हरी औंधकर, नाथ तेलंग थे।

दादासाहब फालके की पहली फिल्म

दादा साहेब फाल्के को भारतीय फिल्म जगत का पिता कहा जाता है। इनके द्वारा पहली फिल्म राजा हरिश्चन्द्र थी इनको फिल्म बनाने की प्रेणा क्रिसमस के अवसर पर ‘ईसामसीह’ पर बनी एक फिल्म से मिली जिसके बाद उन्होंने भी फिल्म निर्माता बनने की ठान ली और भारतीय फिल्म इंडस्टी में पहली फिल्म का बनाकर भारतीय फिल्म जगत का निर्माण किया।  दादा साहब फालकेअपने स्कूल समय से ही बहुत कलाकार थे वह मंच के अनुभवी अभिनेता भी हुआ करते थे और अपने इसी अनुभव से उन्होंने कार्य को संभव किया। दादासाहब ने 95 फिल्मों के साथ-साथ 27 लघु फिल्मों का भी निर्माण किया।  दादासाहब फालके के आखिरी और पहली बोलती फिल्म गंगावतरण थी यह फिल्म दादा साहब फाल्के द्वारा निर्देशित पहली बोलती फिल्म है। इस फिल्म के बाद उन्होंने फिल्म जगत को अलविदा कह दिया था और 16 फरवरी 1944 को उनका 74 वर्ष की उम्र देहांत हो गया था। भारत सरकार द्वारा उनकी स्मृति में हर वर्ष चलचित्र-जगत के किसी विशिष्ट व्यक्ति को ‘दादा साहब फालके पुरस्कार’ द्वारा नमाजा जाता है।

दादासाहब फालके की कुछ  प्रमुख फिल्मे

  1. राजा हरिश्चंद्र (1913)
  2. मोहिनी भास्मासुर (1913)
  3. सत्यवान सावित्री (1914 )
  4. लंका दहन (1917)
  5. श्री कृष्ण जन्म (1918)
  6. कलिया मर्दन (1919)
  7. बुद्धदेव (1923)
  8. बालाजी निम्बारकर (1926)
  9. परशुराम (1928)
  10. गंगावतरण (1937)

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भारत की सबसे पहली फिल्म

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